सोनू निगम

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सोनू निगम का जन्म 30 जुलाई को फरीदाबाद, हरियाणा में हुआ है. सोनू हिन्दी फिल्मों के एक प्रसिद्ध गायक हैँ। वह हिन्दी के अलावा कन्नड़, उड़िया, तमिल, अस्सामी, पंजाबी, बंगाली, मराठी और तेलुगु फ़िल्मों में भी गा चुके हैं। उन्होंने बहुत से इंडी-पॉप एलबम बनाए हैं और कुछ हिंदी फिल्मों में भी बतौर एक्टर के तौर में भी काम किया है।

सोनू निगम चार साल की उम्र से गाते आ रहे हैं। उन्होने सबसे पहले अपने पिताजी के साथ मंच पर मोहम्मद रफ़ी का गीत ‘क्या हुआ तेरा वादा’ गाया था। तभी से शादियों और पार्टियों में वे अपने पिताजी के साथ गाने लगे। थोडा और बड़े होने पर वे संगीत प्रतियोगितओं में भाग लेने लगे। 19 वर्ष कि आयु में गायन को अपना व्यवसाय बनाने के लिए वे अपने पिताजी के साथ मुम्बई आ गए। उन्होने शास्त्रीय गायक उस्ताद ग़ुलाम मुस्तफ़ा ख़ान से शिक्षा ली।

शुरु के कुछ साल सोनू को अपना नाम बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ा। उन्होने मुख्य रूप से टी-सीरीज़ की रफ़ी की यादें नामक एल्बमों के लिए मोहम्म्द रफ़ी के गाने गाना शुरु किया। टी-सीरीज़ के मालिक गुलशन कुमार ने उन्हें ज़्यादा लोगों तक पहुँचने का अवसर दिया। पार्श्व गायक के रूप में सोनू ने अपना पहला गीत फ़िल्म ‘जनम’ के लिए गाया, जो कि कभी औपचारिक तौर पर रिलीज़ नहीं हुआ। तभी उन्होने रेडियो पर विज्ञापन बनाना शुरु किया और साथ-साथ 1995 में ज़ी टीवी के प्रसिद्ध कार्यक्रम सा रे गा मा का संचालन शुरु किया।

इसके बाद, सोनू ने फ़िल्म ‘बेवफ़ा सनम’ के लिए ‘अच्छा सिला दिया’ नामक गीत गाया। उनकी पहली मुख्य सफलता 1997 में बॉर्डर फ़िल्म के गीत ‘संदेसे आते हैं’ के रूप में आई। 1999 में उनकी पहली एल्बम ‘दीवाना’ आई, जिसमें उन्होने प्रेम-गीतों में अपना जौहर दिखाया और आज भी यह एल्बम भारत की सबसे सफल एल्बमों में से एक है। नदीम-श्रवण द्वारा संगीत-निर्देशित ‘परदेस’ फ़िल्म का गीत ‘यह दिल दीवाना’ गाया और फिर उन्होंने पीछे मुड़ कर नहीं देखा। तब से, उन्होने अपनी अलग पहचान बनाई और आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल बन गए। तब से अब तक, सोनू भारतीय संगीत जगत में एक प्रमुख हस्ती बन चुके हैं। उन्होने कई फ़िल्मों में पार्श्वगायन किया है और कई पुरस्कार भी जीते हैं। हर तरह के गीत गाने के साथ-साथ उन्होने अनेक भाषाओं में गाने गाए हैं, जैसे कि कन्नडा, अस्सामी, बंगाली, उड़िया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु, अंग्रेज़ी, भोजपुरी, उर्दू, नेपाली, छत्तीसगढ़ी, मलयालम और मराठी।

सोनू ने हिन्दी, उड़िया, पंजाबी और कन्नडा में पॉप-एल्बम निकाले हैं। हिन्दी में उनकी नवीनतम प्रस्तुति है ‘क्लासिकली माइल्ड’ जो कि एक अल्प-शास्त्रीय एल्बम है। उन्होने हिन्दु एवं इस्लामिक धार्मिक एल्बमों के साथ-साथ, मोहम्मद रफ़ी के गानों के एल्बम भी निकाले हैं। 2008 में उन्होने एक पंजाबी गाना ‘पंजाबी प्लीज़’ और ‘रफ़ी रेसरेक्टेड’ नामक मोहम्म्द रफ़ी गीत संग्रह भी निकाला, जिसमें बर्मिंघम सिम्फ़नी ऑर्केस्ट्रा ने संगीत दिया है। उन्होने अपनी एल्बम ‘जान’, ‘याद’ और ‘चन्दा की डोली’ के कई गीत लिखे हैं और कई का संगीत-निर्देशन किया है। उनकी आखिरी एल्बम कन्नडा में ‘नीने बारी नीने’ है।

सोनू निगम ने सिंगिंग के अलावा एक्टिंग में भी अपना हाथ आजमाया था लेकिन वह असफल रहे। उन्होंने जानी दुश्मन, ‘लव इन नेपाल’ और ‘काश आप हमारे होते’ जैसी फिल्मों में काम किया पर यह सभी फ़िल्में बॉक्स ऑफिस पर कोई कमाल नहीं कर पाई.

 

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