पर्दे की पीछे: गुरूदत्त से प्रेरणा लेकर हीरो बने गुलजार

0 340

मायापुरी अंक, 56, 1975

गुलजार भी अब हीरो बन ही गये है। पहले तो वह बहुत झिझक रहे थे। लेकिन जब सबने जोर दिया तो मान गया। अब वह बासू भट्टाचार्य की फिल्म में शर्मिला टैगौर के साथ हीरो आ रहा है और यह मामूली सी बात है कि जब तक यह पिक्चर शुरू हो, उसके पास हीरो के रूप में पांच छ: और फिल्में भी आ जाये।

अब जबकि हीरो साइन हो ही गये है इसलिए वह अपने सुंदर दिखने पर बहुत ध्यान दे रहे हैं। हर रोज मेकअप मैन आता है। नये नये हेयर स्टाइल बनते है। फिर फोटो खिंचवाई जाती है। अभी तक वह यह तय नही कर पाए हैं कि कौन-सा हेयर स्टाइल रखेंगे। डॉक्टरों और हकीम वगैरह के पास जाते उन्हें शर्म-सी आती है। वैसे गुलजार की एक दलील अच्छी है। अगर गुरूदत्त निर्देशक निर्माता बनने के बाद हीरो बन सकता था तो वह क्यों नही?

बहुत ही कम लोग जानते है कि गुलजार पहले भी एक्टिंग कर चुके हैं। एक पिक्चर शहीद ऊधम सिंह के जीवन पर शुरू हुई थी जिसके निर्देशक ऋषिकेश मुखर्जी थे और गुलजार लेखक उसकी शूटिंग लंदन में भी की गई थी। बाद में वह पिक्चर बंद पड़ गई थी। ऋषिदा ने पिक्चर छोड़ दी। उसका एक ट्रायल मैंने देखा था जिसमें गुलजार ने एक क्रांतिकारी का रोल किया था। एक्टिंग के बारे में तो मैं कुछ नही लिखूंगा। हा, वह पर्दे पर जंचता जरूर थे।

विनोद मेहरा से मुलाकात हुई। बातचीत के दौरान उसकी इमेज, मार्किट और पॉजीशन के बारे में बातें होने लगी। रेखा के बारे में बातें नही करना चाहता था। बातें की भी तो सिर्फ रेखा एक एक्ट्रेस के रूप में। अपने और उसके रिश्ते के बारे में नही।
बातचीत करते हुए मैंने पूछा, आप किस किस्म के रोल करना चाहते है?
तो वह ऐसे बोला जैसे कि स्पीच तैयार की हो।

आज तक मैं ऐसे रोल करता आ रहा हूं कि जिनमें खास कैरेक्टर भी है। जैसे ‘उम्रकैद’ में मेरा हीरो के साथ-साथ अपना कैरेक्टर भी था, इसलिए उस फिल्म में लोगों ने मेरा काम बहुत पसंद किया है ऐसे ही एक फिल्म और कर रहा हूं ‘दुश्मनी यार की’ जिसमें मैं एक ‘प्लेब्वॉय’ का रोल कर रहा हूं। आप उसे ऐन्टी हीरो भी कह सकते है। वह रोल मुझे इसलिए पसंद है कि वह एक मजेदार कैरेक्टर है!
लम्बा लैक्चर सुनने के बाद मैंने उसे गौर से देखते हुए पूछा, तुम लम्बे हो, सेहतमंद हो, फिर भी तुम्हारी इमेज एक चॉकलेटी हीरो की ही है?
विनोद मेहरा को मेरा प्रश्न शायद अच्छा नही लगा हो, फिर भी बोला मेरी एक पिक्चर मज़ाक रिलीज हो रही है, उसके बाद देखना मेरी इमेज बदल जायेगी…

उसके बाद उसने अपने रोल के बारे में एक और लम्बा लैक्चर दे डाला, मैं हैरानी से देखता रहा। मुझे यकीन नही हो रहा था कि वह इतना बढ़िया रोल है और विनोद ने बड़ी मेहनत से किया है।
इसलिए जब ‘मजाक’ रिलीज हुई तो मैं पहला शो देखने गया और जान गया कि विनोद मेहरा मेरे साथ मज़ाक कर रहा था।

Leave a Reply