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फ्लैश बैक

INTERVIEW: इंतजार है ऐसे नौजवान का जो मुझे – मल्लिका साराभाई

मायापुरी अंक, 57, 1975कितना ढंग से प्रकट किया गया क्रोध भी, कितना आकर्षक और लुभावना हो सकता है, इस बात का अनुभव उस तन्वंगी इक्कीस वर्षीय नवयौवना सुंदरी को देखकर ही हो सकता है। यह क्रोध में आई तो उसका क्रोध या आक्रोश भी प्यारा लगा क्रोध…
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INTERVIEW: फिल्में जनता के लिए आत्म संतुष्टि के लिए नहीं – चेतन आनंद

मायापुरी अंक, 58, 1975 मेहबूब स्टूडियो में निर्देशक चेतन आनंद से मुलाकात हुई। वह इंटरव्यू कभी नहीं देते। लेकिन फिर भी मैंने उन्हें सवालों के घेरे में लपेट ही लिया। मैंने उनसे कहा। चेतन जी, क्या प्रेमनाथ से अभी तक संबंध खराब चल रहे हैं ?…
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INTERVIEW: इम्तियाज और अंजु – प्रेस वालों से सावधान

मायापुरी अंक, 58, 1975 नटराज स्टूडियो में फिल्म 'शिकार शिकारी' के सेट पर अंजु महेन्द्रू से भेंट हो गई। हमने उससे कहा। क्या गेट-कीपर को आपने मना किया है कि किसी प्रेस वाले को अंदर न आने दिया जाए? आखिर प्रेसवालों से इस नाराज़गी का क्या…
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INTERVIEW: लोग झूठ बोलते हैं – ऋषि दा

मायापुरी अंक, 58, 1975 जसलोक अस्पताल में निर्देशक ऋषिकेश मुखर्जी को देखने गया तो उनसे भी दो-दो बातें हो गई। मैंने उनसे कहा। क्या यह सही है कि आपके और गुलज़ार के संबंध अब पहले जैसे मधुर नही रहे हैं। इसीलिए आप गुलजार से संवाद नही लिखवाते।…
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INTERVIEW: जया भादुड़ी – कहानी को अपने कंधों पर उठाने वाली अभिनेत्री

मायापुरी अंक, 58, 1975जया भादुड़ी इस दौर की अकेली अभिनेत्री हैं, जो मीना कुमारी, नूतन, नरगिस की तरह पूरी फिल्म की कहानी अपने कंधों पर उठाकर चलने की योग्यता रखती हैं, 'गुड्डी' दूसरी सीता, कोरा कागज, अनामिका आदि इसके जीवित प्रमाण हैं।…
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ज़ीनत अमान लंदन में परेशान

मायापुरी अंक, 57, 1975अपने लंदन प्रवास के दौरान एक बार ज़ीनत को अजीब किस्म की परेशानी का सामना करना पड़ा एक रोज वह अकेली सिनेमा देखने चली गईं जहां पर एक सनकी से आदमी ने उन्हें बहुत परेशान कर दिया। वह हॉल में उसके बराबर वाली कुर्सी पर…
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INTERVIEW: काम और श्रद्धा से क्या नही मिल सकता – पेंटल

मायापुरी अंक, 57, 1975मेहबूब स्टूडियो में साहेब बहादुर के सेट पर कॉमेडियन पेंटल से भेंट हो गई। मैंने पेंटल से पूछा। पेंटल जी, आप और असरानी साथ-साथ ही इंडस्ट्री में आए किंतु आपके मुकाबले में असरानी बहुत आगे निकल गए हैं क्या असरानी आपसे…
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INTERVIEW!! स्टार नही एक्टर – संजीव कुमार

मायापुरी अंक, 57, 1975एक दिन मैं पाली हिल गया तो संजीव कुमार की कार खड़ी देख कर उनके घर की ओर चला गया। उनके घऱ में दरबार लगा हुआ था लोग शोले में उनकी प्रशंसा करते नही थक रहे थे। मुझे अवसर मिला तो मैंने भी शोले में उनके अभिनय की प्रशंसा…
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पर्दे के पीछे: किरण कुमार कोई फर्क नही पड़ा

मायापुरी अंक, 57, 1975बेचारा किरन रेखा के साथ संबंध रखने के कारण खबरों में जरूर रहा लेकिन करियर में कोई फर्क नही पड़ा हालांकि उसके सेक्रेट्री ने कई निर्माताओं को इशारा भी किया अगर किरण को लेंगे तो रेखा आ सकती है। मैं नही जानता किसी…
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पर्दे के पीछे: शशि कपूर का सेक्रेट्री कहता है

मायापुरी अंक, 57, 1975शशि कपूर का सैक्रेट्री सबको कहता फिर रहा है कि शशि ने दीवार अमिताभ बच्चन के लिए की है अमिताभ बच्चन और शशि कपूर का शुरू से ही प्रेम रहा है यह सच है कि शशि कपूर ने अमिताभ को उन दिनों में सही रास्ता दिखाया जब वह स्टार…
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