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फ्लैश बैक

अमिताभ ने अपनी फैन को कमरे से बाहर किया

मायापुरी अंक, 57, 1975 अमिताभ बच्चन ने फिल्मी जिंदगी की परेशानियों के बारे में बताया कि एक बार वह किसी फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में बाहर गये हुए थे जब वह शूटिंग से लौटकर आए तो उन्होंने अपने कमरे में एक लड़की को आराम से उनका इंतजार करते…
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कला के प्रति समर्पित कलाकार – स्व. पृथ्वीराज कपूर

मायापुरी अंक, 55, 1975जमाना चाहे कितनी ही तरक्की कर जाए किंतु आदमी जब कभी अतीत के झरोखे में झांकता है तो उसे अतीत से एक तरह की प्रेरणा मिलती है। उसे लगता है कि आज से तो कल ही अच्छा था। लेकिन ऐसे लोग भी चाहिये जो कि दिलों पर ऐसा असर डाल…
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‘शोले’ बस शोर ही शोर वास्तविकता कुछ और

मायापुरी अंक, 55, 1975 रमेश सिप्पी की फिल्म शोले' की प्रेस वालों ने खूब तारीफ की बड़े हंगामें के साथ फिल्म मुंबई में रिलीज़ हुई। लेकिन हंगामा सिर्फ एक हफ्ता ही रहा। कम से कम जनता में वह शोर अब नही है। इतने बड़े बड़े स्टार होते हुए भी…
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पर्दे के पीछे: योगिता बाली – बनी पूरी घरवाली

मायापुरी अंक, 56, 1975 पहले रात के ग्यारह बजे शादी की जब खबर छपी तो योगिता ने झट से सब पेपर वालों को लैटर टाइप करके भेज दिए मेरा किशोर कुमार से कोई रिश्ता नही है। लैटर अभी छप भी नही पाये थे कि उसका विचार बदल गया। दोबारा शादी कर डाली…
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जब शत्रुघ्न सिन्हा ने ठुकराया अवार्ड…

मायापुरी अंक, 55, 1975 पिछले दिनों ऑबरॉय होटल में शत्रुघ्न सिन्हा ने प्रैंस कॉन्फ्रैंस का आयोजन किया था। श्री राजेन्द्र अग्रवाल जो कि दिल्ली सिनेगोअर्स ऐसोसिशियन के सैकेट्री है.. शत्रुघ्न से मिलने पहुंचे... लेकिन उनकी मुलाकात शत्रुघ्न से…
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पर्दे की पीछे: गुरूदत्त से प्रेरणा लेकर हीरो बने गुलजार

मायापुरी अंक, 56, 1975गुलजार भी अब हीरो बन ही गये है। पहले तो वह बहुत झिझक रहे थे। लेकिन जब सबने जोर दिया तो मान गया। अब वह बासू भट्टाचार्य की फिल्म में शर्मिला टैगौर के साथ हीरो आ रहा है और यह मामूली सी बात है कि जब तक यह पिक्चर शुरू…
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INTERVIEW!! रोल कुछ चलाऊ कुछ कमाऊ तो कुछ लुटाऊ  – शर्मिला टैगोर

मायापुरी अंक, 57, 1975पिछले दिनों 'मौसम' के सेट पर शर्मिला टैगोर से मुलाकात हुई तो इन शर्मिला टैगोर में और 'आविष्कार' के सेट पर बहुत दिनों पहले मिली शर्मिला टैगोर में मुझे कोई अंतर नज़र नही आया। चेहरे पर अब तक समय और काल की रेखाएं नहीं…
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एक आदर्श अभिनेत्री एक घरेलू औरत – नरगिस

मायापुरी अंक 54,1975 नरगिस की उम्र तब दस या ग्यारह वर्ष की रही होगी जब उर्दू के प्रसिद्ध लेखक सआदत हसन मंटो उनके घर में आया-जाया करते थे। मंटो की आंखों ने मासूम नरगिस के बचपन को जवान होते हुए भी देखा। और न जाने एक दिन मंटो को क्या सूझा,…
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INTERVIEW!! विनोद खन्ना अच्छे और नये पात्रों (रोल्स) की तलाश में ?

मायापुरी अंक, 56, 1975विनोद खन्ना आज उन हीरोज़ की गिनती में है जिनका बॉक्स ऑफिस पर ड्रा है। उसके बावजूद वह अधिकतर ऐसी फिल्मों में काम कर रहे है जिनमें उनके अलावा एक या दो हीरो और है। इसीलिए 'हेराफेरी' के सेट पर वह मिले तो मैंने उनसे…
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मुझे काम से बोरियत नही होती – शशि कपूर

मायापुरी अंक, 55, 1975शशि कपूर फिल्मोद्योग के शशि कपूर से नटराज स्टूडियो में भेंट हुई। बेचारे कुछ परेशान नज़र आ रहे था। हमने पूछा क्या बात है शशि जी, परेशान परेशान किधर जा रहे हो?राजकमल स्टूडियो जाना है वहां शूटिंग है। शशि ने कहा।…
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