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मौसम ‘वेलेनटाइन’ का है…

‘वेलेनटाइन-डे’ कभी पाश्चात्य सभ्यता का परिचायक था। जब देश ने आजादी की सांस लेना शुरू किया था, खुद को एडवांस बताने वाले लोग न सिर्फ सूट-बूट-टाई संस्कृति का प्रदर्शन करने में लगे थे  बल्कि अंग्रेजी-त्योहारों कीरहनुमायी भी कर रहे थे। अंग्रेज…
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अमिताभ बच्चन को ‘भारत रत्न’ क्यों नहीं ?

संपादकीय देश के सर्वोच्च सम्मान ‘भारत रत्न’ और ‘पद्म-अवॉर्डों’ की चर्चा से बॉलीवुड में भी सुगबुगाहट रही है। जिस तरह राजनीति में माननीय प्रणब मुखर्जी और सामाजिक जीवन में नानाजी देशमुख को ‘भारत रत्न’ दिये जाने पर प्रतिक्रियाएं आयी हैं, वैसे…
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बॉलीवुड में भी चल रहा है ‘गठबंधन’ का सिलसिला

फिल्म और राजनीति दोनों ही समाज का हिस्सा है। समाज में जो कुछ होता है उससे प्रभावित राजनीति भी होती है और फिल्में भी! और, कई बार फिल्मों का असर भी दोनों वर्ग पर पड़ता है। फिल्मों के डायलॉग नेता मंच पर बोलते हैं और समाज में वैसी ही घटनाएं घटित…
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इलेक्शन बुखार से पीड़ित : पर्दे पर राजनायिकों की फिल्में

संपादकीय ज्यों ज्यों 2019 के लोकसभा चुनावों की तारीख नजदीक आ रही हैं, पूरे देश के राजनैतिक माहौल से बॉलीवुड भी इत्तेफाक रखता दिखाई दे रहा है। फिल्में एक दिन में नहीं बनती, जाहिर है चुनाव के मुद्दे पर नजर हिन्दी फिल्म इंडस्ट्री की पहले से…
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फिल्म इंडस्ट्री में आरक्षण का कोटा

बहुत चर्चा है इस समय देश में आरक्षण के नये कोटे की! पूरा सरकारी तंत्र और राजनैतिक गलियारे में आरक्षण एक जबरदस्त मुद्दा बनकर उभरा है। पर क्या कभी आपने सोचा देश की सबसे बड़ी नाम-दाम देने वाली संस्था फिल्म इंडस्ट्री में भी यह व्यवस्था लागू है,…
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साल की आखिरी रात की खुमार और सितारे स्वागतम् नव वर्ष 2019

नमस्कार साल 2019...! ‘मायापुरी’ के सभी पाठकों और समूची फिल्म इंडस्ट्री के कर्मियों को नव वर्ष की हार्दिक बधाई! भारतीय-परिवेश में हम स्वागत में ‘नमस्ते’ ही कहेंगे, लेकिन क्या फिल्म उद्योग भी इसी सम्बोधन से अपने नव वर्ष की शुरूआत करता है? यह…
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आया क्रिसमस का त्योहार!

बॉलीवुड वह जगह है जहां दीपावली और ईद की तरह की क्रिसमस का पर्व भी धूमधाम से मनाया जाता है। 25 दिसम्बर को ईसा मसीह का जन्म दिन होता है। इस दिन सभी ईसाई चर्च जाते हैं। चर्च, क्रिसमस-ट्री, क्रिसमस कार्ड, झालर, पेस्ट्री, केक और बच्चों के लिए…
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मेरी शादी में मत आना…!

कुछ समय पहले बॉलीवुड की एक फिल्म आयी थी- ‘मेरी शादी में जरूर आना’। यह फिल्म दो करोड़ में बनी थी और दो हफ्ते में आठ करोड़ की कलैक्शन की थी! लोगों का मानना था कि वैवाहिक-विषय वाली इस फिल्म की कामयाबी के पीछे फिल्म का शीर्षक भी एक वजह थी- जिसमें…
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फिल्म लेखक संघ दायित्व और निर्वहन

कितनी अजीब बात है कि एक तरफ जहां आमिर खान जैसे एक्टर इस बात को स्वीकार करते हैं कि फिल्म इंडस्ट्री में लेखकों के महत्व को समझा जाना चाहिए और उनको क्रेडिट तथा पारिश्रमिक दिेये जाने में वरीयता दिखाई जानी चाहिए। वहीं फिल्म राईटर्स एसोसिएशन की…
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किसानों के लिए बड़ी चाह है बच्चन साहब के मन में…

सितारों के चैरिटी कामों की जब भी चर्चा होती है, हमेशा का ‘मीर फाउंडेशन’ हो या सलमान खान का ‘बीइंग ह्यूमन’- ये छींक भी लेती हैं तो ‘न्यूज’ बनती है। और, साथ ही कमेंट किया गया होता है कि अमिताभ कुछ नहीं करते हैं! इस आरोप की तो इन्तेहा ही हो गई…
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