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भारतीय लोकतंत्र में फिल्मी महिलाओं का बढ़ता वर्चस्व

चुनाव 2019 का काउंट डाउन शुरू हो चुका है। इस लोकसभा-प्रत्याशी-स्पर्धा में सबकी नजर ग्लैमर की दुनिया से आने वाली महिलाओं पर है। पर्दे पर अपना जलवा-बिखेरने वाली तारिकाएं इनदिनों सड़कों पर हैं। चुनाव-आयोग की सख्त आज्ञा के बावजूद इन महिलाओं के…
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भारत-पाक की युद्ध गाथा में ‘रॉ’ की दिलचस्प कहानी मोह लेती है मन को

युद्ध गवाह हैं... जब भी भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ है सन् 1965,1971 या कारगिल के बाद की एयर स्ट्राईक में, हमारे वीर जांबाज सैनिकों के पराक्रम के बीच एक गुप्तचरी की लोमहर्षक कहानी चलती रही है। सिनेमा के पर्दे पर उन अनजाने-देशभक्तों के…
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इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के ये शोज तथा पत्रकारिता,  किस दिशा और किस दशा को इंगित करती है?

एक जमाने में जब सिर्फ प्रिंट मीडिया का ही वर्चस्व हुआ करता था तब कहा जाता था कि ’कलम में बड़ी ताकत होती है’ और यही वजह है कि कलम चलाने वाले मीडिया कर्मी को एक जिम्मेदार पत्रकार और न्यूज़ सूत्रधार के रूप में बहुत जिम्मेदारी के साथ किसी भी खबर…
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आओ, हम एक नई होली मनाये, जिसमे रंग अमन, शांति, प्यार, सद्भावना और एक  नई सुबह की शुरूआत हो

वैसे तो हम सालो से होली का त्योहार मनाते रहे हैं। होली में होती है बुराई पर अच्छाई की जीत। होली में होता है एक नए मौसम का आगमन। होली होती है आपस में मिलना और दिलोंको मिलाने का। होली होती है नाचने और गाने का जश्न, होली वह त्योहार होता है जो…
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वो तीन शब्द जिसकी वजह से लाखों औरतों कीजिन्दगी तंग होती आ रही है क्या यह आग ताकयामत नहीं बुझेगी ?

हम इस बारे में निश्चित नहीं हैं कि यह क्रूर प्रथा इतिहासकारों मौलवियों में कब लागू हुई और धर्मशास्त्रियों के अपने विचार हैं कि यह अधिकांश मुसलमानों के बीच जीवन का एक तरीका बन गया है लेकिन यह जीवन का एक तथ्य है जिसे व्यवहार में लाया गया है…
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अब की बार चुनाव मैदानों से ज्यादा सोशल मीडिया और फिल्मों के ज़रिये लड़ा जाएगा क्या?

संपादकीय चुनाव इतने जटिल नहीं थे और निश्चित रूप से उतने खतरनाक नहीं थे जितना कि लगता है जब से सोशल मीडिया आया है। उसी सोशल मीडिया ने आम चुनावों के दौरान हाथ बढ़ाया जब सोशल मीडिया के साथ भाजपा ने नरेंद्र मोदी को अपने नेता के रूप में चुनावी…
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मौसम ‘वेलेनटाइन’ का है…

‘वेलेनटाइन-डे’ कभी पाश्चात्य सभ्यता का परिचायक था। जब देश ने आजादी की सांस लेना शुरू किया था, खुद को एडवांस बताने वाले लोग न सिर्फ सूट-बूट-टाई संस्कृति का प्रदर्शन करने में लगे थे  बल्कि अंग्रेजी-त्योहारों कीरहनुमायी भी कर रहे थे। अंग्रेज…
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अमिताभ बच्चन को ‘भारत रत्न’ क्यों नहीं ?

संपादकीय देश के सर्वोच्च सम्मान ‘भारत रत्न’ और ‘पद्म-अवॉर्डों’ की चर्चा से बॉलीवुड में भी सुगबुगाहट रही है। जिस तरह राजनीति में माननीय प्रणब मुखर्जी और सामाजिक जीवन में नानाजी देशमुख को ‘भारत रत्न’ दिये जाने पर प्रतिक्रियाएं आयी हैं, वैसे…
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बॉलीवुड में भी चल रहा है ‘गठबंधन’ का सिलसिला

फिल्म और राजनीति दोनों ही समाज का हिस्सा है। समाज में जो कुछ होता है उससे प्रभावित राजनीति भी होती है और फिल्में भी! और, कई बार फिल्मों का असर भी दोनों वर्ग पर पड़ता है। फिल्मों के डायलॉग नेता मंच पर बोलते हैं और समाज में वैसी ही घटनाएं घटित…
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इलेक्शन बुखार से पीड़ित : पर्दे पर राजनायिकों की फिल्में

संपादकीय ज्यों ज्यों 2019 के लोकसभा चुनावों की तारीख नजदीक आ रही हैं, पूरे देश के राजनैतिक माहौल से बॉलीवुड भी इत्तेफाक रखता दिखाई दे रहा है। फिल्में एक दिन में नहीं बनती, जाहिर है चुनाव के मुद्दे पर नजर हिन्दी फिल्म इंडस्ट्री की पहले से…
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