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रिव्यूज

मूवी रिव्यू: एक बुरी फिल्म ‘बेटियों की बल्ले बल्ले’

रेटिंग* हर भाषा का अपना एक स्वरूप होता है लिहाजा कुछ चीजें वहीं अच्छी लगती हैं जिस भाषा की परिधि में आती हों। गुजराती फिल्मों का अपना एक स्वरूप है,  उन्हें बनाने का ढंग है, लेकिन अगर आप उसे हिन्दी में बनाने की कोशिश करेगें तो फेल ही साबित…
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मूवी रिव्यू: जबरदस्ती का कंफ्यूजन ‘अल्बर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है’

रेटिंग** जैसा कि मैं पहले भी बता चुका हूं कि कुछ मेकर अपनी फिल्मों की कहानी में जबरदस्ती कुछ ऐसा कंफ्यूजन भर देते हैं कि दर्शक अपने दिमाग पर जौर देने के लिये मजबूर हो जाता है लेकिन ज्यादातर दर्शक खीजने लगते हैं। निर्देशक सौमित्र रनाडे की…
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मूवी रिव्यू: चूं चूं का मुरब्बा यानि ‘पहाड़गंज’

रेटिंग* कुछ निर्देशक कलात्मकता के चक्कर में अच्छी खासी कहानी का बैंड बजा कर रख देते हैं। निर्देशक राकेश रजंन कुमार यही सब करते हुये फिल्म ‘ पहाड़गंज’की कहानी में खुद ही इतना उलझ गये कि बाद में वे उसे अंत तक नहीं संभाल पाते।कहानी एक…
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मूवी रिव्यू: लाल बहादुर शास्त्री की मौत पर नोकीले सवाल खड़े करती ‘द ताशकंद  फाइल’

रेटिंग**** कुछ फिल्मकार कभी कभी अपनी फिल्म के लिये ऐसा वि<य उठा लेते हैं कि न चाहते हुये भी वो विवादित होकर रहता है। लेखक निर्देशक विवेक अग्निहौत्री ने अपनी फिल्म ‘द ताशकंद फाइल’ में स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की मौत पर कुछ ऐसे नोकीले…
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मूवी रिव्यू: सोचने पर मजबूर करती है ‘नो फादर्स इन कश्मीर’

रेटिंग 3 स्टार यह फ़िल्म 2017-18 की तीन बेहतरीन फ़िल्मों की याद दिलाती है, नॉर्वेजियन-पाकिस्तानी निर्देशक इरम हक़ की ‘वॉट विल पीपल से’ जर्मन निर्देशक टोबायस वाइमैन की ‘माउंटेन मिरेकल-एन अनएक्सपेक्टेड फ़्रेंडशिप’ और स्पैनिश फ़िल्म ‘टू लेट…
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मूवी रिव्यू: जासूसों की दुनिया में ले जाती है ‘रोमियो अकबर वॉल्टर’

रेटिंग : 3 स्टार स्पाई थ्रिलर्स को पसंद करने वालों दर्शकों की बड़ी संख्या है। भारत में इस तरह की फ़िल्में पहले कम बनती थी लेकिन इधर ट्रेंड तेज़ी से बढ़ा हैं। ‘बेबी’ जैसी हिट फ़िल्म के बाद अब इसी राह की एक और फिल्म है ‘रोमियो अकबर वॉल्टर’…
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मूवी रिव्यू: जबरदस्त एक्शन दिखाती है, लेकिन रंग नहीं जमाती ‘जंगली’

रेटिंग 2 स्टार जानवर मासूम होते हैं अगर आप उनसे अच्छा व्यवहार करते हैं तो वह भी आपसे प्यार करते हैं। मगर अपने फायदे के लिए जानवरों को मारना ठीक नहीं होता है। जानवरों की त्वचा या उनके शरीर के कुछ अंगों की आज भी तस्करी होती है। विद्युत…
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मूवी रिव्यू: प्यार के तमाम रंगों को पेश करती है ‘नोटबुक’

रेटिंग 3 स्टार सलमान खान के प्रोडक्शन में बनी फिल्म नोटबुक से दो नए कलाकारों ने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा है। नोटबुक एक रोमांटिक फिल्म है जिसके हर सीन को बेहद रोमांटिक अंदाज में पेश किया गया है। ज्यादा समय की बात नहीं है जब टीनएजर्स…
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मूवी रिव्यू: कल्पनाशीलता से परे है ‘मर्द को दर्द नहीं होता’

रेटिंग 3 स्टार कहानी कहानी सूर्या, सूप्री, सूर्या के नाना और उनके कर्राटे मास्टर की जिंदगी के इर्द-गिर्द घूमती है। सूर्या को एक दुर्लभ सुपरहीरो की बीमारी है, जिसकी वजह से उसे दर्द का भी एहसास नहीं होता। इस बीमारी की वजह से उसे सोसाइटी में…
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मूवी रिव्यू: जोश, जुनून और जाबांजी से भरी है ‘केसरी’

रेटिंग 3 स्टार कहानी 21 जाबांज सिख सिपाहियों की वीर गाथा केसरी जोश, जुनून और जाबांजी से भरी है। 1897 में यह लड़ाई लड़ी गई थी जिसमें दस हजार अपफगानियों की इन सिख जाबांजों ने धूल चटा दी थी। उन वक्त इन शूरवीरों का खौपफ ऐसा था कि इन सिपाहियों…
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