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बॉकस ऑफिस

बिना कहानी की फिल्म ‘2016 द एंड’

रेटिंग** निर्माता निर्देशक जयदीप चोपड़ा की फिल्म ‘2016 द एंड’ के नाम से पता चल जाता है कि फिल्म एक साल पुरानी है। क्योंकि टाइटल के अनुसार फिल्म को दो हजार सोलह में रिलीज होना था। फिल्म ऐसे चार दोस्तों पर आधारित है जो एक हादसे के तहत फंस…
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असरदार रोचक विषय ‘तू है मेरा संडे’

रेटिंग***बेशक इससे पहले दोस्ती को लेकर कितनी ही फिल्मे आ चुकी हैं। लेकिन निर्देशक मिलिंद थाईमड की फिल्म ‘तू है मेरा संडे’  की दोस्ती थोड़ी अलग है और इस दोस्ती का आधार है फुटबाल।क्या है फिल्म कहानी ? मुबंई जैसे शहर में अलग उम्र,…
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फुल धमाल मनोरजंन यानि ‘जुड़वा 2’

रेटिंग*** कोई डायरेक्टर बीस साल बाद अपनी ही फिल्म का रीमेक बनाये और ये अपने आपमें करिश्मा ही है कि निर्देशक डेविड धवन की पहली फिल्म ‘ जुड़वा’ की तरह ‘जुड़वा 2’ भी एक फुल धमाल एन्टरमेन्ट फिल्म साबित हुई है। फिल्म की कहानी में कुछ ज्यादा हेर…
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दर्शक से नहीं जुड़ पाती ‘हसीना पारकर’

रेटिंग** बायोपिक फिल्मों की श्रृंखला में इस सप्ताह अपूर्व लाखिया निर्देशित फिल्म ‘हसीना पारकर’ का नाम है। ये फिल्म दाऊद इब्राहिम की बहन हसीना पारकर के जीवन पर आधारित ऐसी फिल्म है। जो बताती है कि एक अपराधी के जीवन का असर उसके परिवार पर किस…
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संजू की सशक्त अदाकारी, लेकिन कमजोर फिल्म ‘भूमि’

रेटिंग** ये अब साबित हो चुका है, कि अब फिल्मों में ऐक्टर नहीं सब्जेक्ट चलता है। इसीलिये ओमंग कुमार द्धारा निर्देशित और संजय दत्त की वापसी वाली फिल्म‘ भूमि’  में दर्शक बासी कहानी देखकर जरूर निराश होंगे।बाप-बेटी की कहानी है 'भूमि' आगरा…
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लोकतंत्र का कड़वा सच ‘न्यूटन’

रेटिंग***** अब एक्सपेरिमेंटल सिनेमा या रीयलस्टिक फिल्मों का जमाना है। इन छोटे बजट की फिल्मों के आगे बिग बजट फिल्में पानी भरती नजर आ रही हैं। इसी क्रम में इस हफ्ते की निर्देशक अमित वी मसूरकर की फिल्म ‘न्यूटन’ शीर्ष पर है। इस फिल्म को ऑस्कर…
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साधारण कथा, शानदार अभिनय ‘सिमरन’

रेटिंग*** लगता है कंगना ग्रे शेड भूमिकाओं का पर्याय बन चुकी है। उनकी पिछली कोई भी फिल्म उठाकर देख लीजीये, उन सभी में कंगना राउड़ी टाइप रोल्स करती नजर आयेगी। इसी श्रंखला में हंसल मेहता की फिल्म ‘सिमरन’ भी है। जिसमें कंगना एक बार फिर अलमस्त…
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दर्शकों के टेस्ट पर खरी है ‘लखनऊ सेंट्रल’

रेटिंग*** सच्ची घटना पर आधारित निर्देशक रंजीत तिवारी की फिल्म‘ लखनऊ सेंट्रल’ में जेल की राजनीति, वर्चस्व के लिये मारपीट तथा बंदियों के इमोशंसॉ प्रभावशाली तरीके से दिखाने की कोशिश की गई है। फरहान अख़्तर एक लाइब्रेरियन का लड़का है जो अपना…
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मूवी रिव्यू: आतंकवाद का अलग चेहरा दिखाती ‘समीर’

रेटिंग*** आंतकवाद को लेकर अभी तक ढेर सारी फिल्में आ चुकी हैं लेकिन दक्षिण बजरंग छेरा द्धारा निर्देशित फिल्म ‘समीर’ में कुछ नये तथ्य रखे गये हैं। जिसके तहत आतंकवाद का एक अलग चेहरा उभर कर सामने आता है। समीर यानि मौहम्मद जिशान अयूब एक कॉलेज…
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मूवी रिव्यू: फुल एन्टरटेनमेन्ट ‘पोस्टर बॉयज’

रेटिंग 000आज भी हमारी सोच किस कदर संकीर्ण है। ये बात मराठी फिल्म का रीमेक तथा श्रेयस तलपड़े द्धारा निर्देशित फिल्म 'पोस्टर बॉयज' के तहत नसबंदी को लेकर बताने की कोशिश की है कि एक नसबंदी पोस्टर पर गलत लोगों की फोटोज लगा देने के बाद उनकी…
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