द्वितीय विश्व युद्ध की रिपोर्टिंग कर चुके ये अभिनेता कभी चलाया करते थे रिक्शा, 93 फिल्मों में किया काम

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अपने दौर के बेहतरी ऐक्टर्स में शुमार अभिनेता बलराज साहनी की पहचान महज एक्टिंग तक ही सीमित नहीं थी। उन्हें अपने दौर का रिबेल आर्टिस्ट और बुद्धिजीवी भी माना जाता था। उन्हें सिर्फ एक्टिंग में ही महारत हासिल नहीं थी बल्कि वो बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। अमिताभ बच्चन उन्हें अपने से बेहतर एक्टर मानते थे। तो आइए आपको बताते हैं बहुमुखी प्रतिभा के धनी बलराज साहनी के बारे में कुछ दिलचस्प बातें…

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बलराज के पास अंग्रेजी लिटरेचर में मास्टर्स डिग्री थी। उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी से हिंदी लिटरेचर में भी डिग्री हासिल की थी। कुछ समय के लिए उन्होंने रबीन्द्र नाथ टैगोर के शांतिनिकेतन में अपनी पत्नी के साथ पढ़ाया भी था। अपने फिल्मी करियर से पहले बलराज साहनी ने बीबीसी के साथ काम किया और यूरोप में द्वितीय विश्व युद्ध को कवर किया था। इसके चलते वे मशहूर लेखक जॉर्ज ओरवेल और टीएस एलियट की नज़रों में भी आ गए थे।

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बलराज साहनी ने देव आनंद की फिल्म बाजी की स्क्रिप्ट लिखी थी और उनके बड़े भाई चेतन आनंद की फिल्म हकीकत में काम किया था। बलराज और देव अच्छे दोस्त थे लेकिन एक दौर ऐसा भी था जब बलराज ने देव से कहा था कि तुम कभी भी एक्टर नहीं बन पाओगे।

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बलराज साहनी कई भाषाओं के जानकार थे। वे हिंदी, उर्दू और इंग्लिश में महारत हासिल करने के चलते ही बीबीसी में रेडियो होस्ट और न्यूज रीडर की भूमिका में नज़र आए थे। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान वे भारत के लोगों को विश्व युद्ध की खबरें मुहैया करा रहे थे। इसके अलावा उन्हें संस्कृत का भी पूर्ण ज्ञान था। उन्होंने अपनी ऑटोबायोग्राफी में बताया है कि उन्होंने कालीदास की मशहूर अभिजनना शंकुतलम को संस्कृत में पढ़ा हुआ था।

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बता दें कि साहनी ने हिंदुस्तान की कसम, काबुलीवाला, गरम हवा, अमन, वक्त, एक फूल दो माली, घर संसार, अनुराधा जैसी कई फिल्मों में काम किया। अपने करियर के दौरान उन्होंने 93 फिल्मों में काम किया जिनमें से दो फिल्में उनके मरने के बाद रिलीज हुई।

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उन्हें हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का पहला मेथड एक्टर कहा जाता था। वो अपने किरदार को नैचुरल दिखाने के लिए काफी मेहनत करते थे। फिल्म दो बीघा जमीन के लिए उन्होंने कलकत्ता के थर्ड क्लास कंपार्टमेंट में यात्रा की थी ताकि वे गरीब लोगों के माइंडसेट को समझ सकें। उन्होंने इसके अलावा शहर के रिक्शा चलाने वाले यूनियन को भी जॉइन किया था और अपने रोल के लिए काफी समय तक रिक्शा भी चलाया था। इस दौरान वे चोटिल भी हो गए थे।

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