वुमन्स डे स्पेशल: इन फिल्मों ने बदली महिलाओं के प्रति समाज की सोच

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आज 8 मार्च है यानि अंतराष्ट्रीय महिला दिवस यह दिन महिलाओ के सम्मान के लिए होता हैं. बॉलीवुड में कई एसी फिल्मे है जो औरतों की ताकत उनकी निष्ठा प्रतिष्ठा और सम्मान को दर्शाती हैं. और हमें यह सीख देती हैं, की अगर औरत चाहे तो वह कुछ भी कर सकती हैं, वह किसी भी उम्र में पढ़ सकती हैं, किसी भी उम्र में ऊचाई छु सकती हैं, या फिर वह अकेले रहकर भी अपने साथ हुए अत्याचारों का बदला ले सकती हैं. एक महिला को कभी भी नहीं अकना चाहिए क्योंकि वो अकेले ही सबका सामना कर सकती हैं. और इसीलिए आज वुमनस डे पर हम उन फिल्मों की बात कर करने जा रहे है जिन्होंने समाज को एक आईना दिखाया है. की औरत किसी से कम नहीं होती. तो चलिए जानते है इन फिल्मों के बारे में

पूर्णा

फिल्म  “पूर्णा: करेज हैज़ नो लिमिट” एक सत्य घटना पर आधारित फिल्म हैं. जो 31 मार्च 2017 में रिलीज़ हुई थी. यह एक 13 साल की आदिवासी लड़की पूर्णा की कहानी है, जिसने इतनी कम उम्र में माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने का रिकॉर्ड बनाया था. फिल्म में पूर्णा का किरदार अदिति इनामदार नाम की छोटी लड़की ने निभाया था.

मॉम

बॉलीवुड की पहली सुपरस्टार श्रीदेवी जो अब हमारे बीच नहीं है लेकिन फिल्म मॉम से उन्होंने हमे एक माँ ऐसा रूप दिखाया था जो अपने बच्चे की सुरक्षा के लिए एक खुनी बनने को भी तैयार हो जाती है वो माँ जिसकी बेटी का रेप हो जाता हैं, और वो केसे उन अपराधियों से बदला लेती है. यही इस फिल्म में दर्शाया गया हैं. फिल्म में श्रीदेवी का किरदार देवकी नाम की माँ का है. यह फिल्म 7 जुलाई 2017 में रिलीज़ हुई थी.

पिंक

फिल्म “पिंक” महिलाओं के साथ होने वाली छेड़छाड़ पर आधारित फिल्म हैं. फिल्म ‘पिंक’ तीन लड़कियों की कहानी है जो अपने करियर के लिए एक साथ अपने परिवार से दूर रहती हैं, और उनके साथ एक राजनेता का भतीजा उनके साथ गलत हरकत करता देता हैं, जिसके बाद वह उसका सामना कर उन्हें जेल पहुँचती हैं. फिल्म में अमिताभ बच्चन ने एक वकील का किरदार निभाया हैं और उन लडकियों की न्याय दिलाने में मदद करता हैं. यह फिल्म 16 सितंबर 2016 में रिलीज़ हुई थी.

नीरजा

फिल्म “नीरजा” 23 साल की नीरजा भनोट के जीवन की सत्यघटना पर आधारित फिल्म हैं. जिसने 1986 में आंतकियों द्वारा हुए हाईजैक में 365 पैसेंजर की जान बचाई थी जिसमे 13 क्रू मेम्बेर्स भी थे. फिल्म में नीरजा का किरदार सोनम कपूर ने निभाया है. यह फिल्म 19 फ़रवरी 2016 में रिलीज़ हुई थी.

इंग्लिश विन्ग्लिश

फिल्म “इंग्लिश विन्ग्लिश” में श्रीदेवी लीड रोल में थी, फिल्म में उनके किरदार का नाम शशि था. जो एक पड़े लिखे परिवार की हाउस वाइफ हैं, जिसके इंग्लिश कमजोर है. जिसके चलते उन्हें अपने परिवार से वो सम्मान नहीं मिलता था जिसकी वह हक़दार थी, बाद में उन्हें एक चांस मिलता है और वह बहुत ही कम समय में बहतरीन तरह से इंग्लिश बोलना सीख जाती हैं. और अपनी परिवार से अपना आत्मसम्मान पाने कामयाब हो जाती हैं. यह फिल्म 5 अक्टूबर 2012 में रिलीज़ हुई थी.

मर्दानी

फिल्म “मर्दानी” में रानी मुखर्जी एक ऐसी इंस्पेक्टर का किरदार निभाती हैं, जो दिमाग से ही नहीं शारीर से भी बेहद स्ट्रोंग हैं जो टिपिकल व आत्मनिर्भर इंस्पेक्टर हैं. फिल्म में रानी चाइल्ड ट्रेफिकिंग जैसे गंदे अपराध को रोकने में कामयाब होती हैं. यह फिल्म 22 अगस्त 2014 में रिलीज़ हुई थी.

मैरी कोम

फिल्म “मैरी कॉम” एक ऐसी बॉक्सर की बायोपिक हैं, जो ओलिंपिक की विजेता रह चुकीं है  जिसका नाम मैरी कॉम हैं, फिल्म में मैरी कोम का किरदार प्रियंका चोपड़ा ने बखूबी से निभाया हैं. यह फिल्म मैरी की कहानी को दर्शाती हैं, जिसने कभी किसी भी हालात में हार नहीं मानी और अपने बोक्सिंग के सपने को बखूबी पूरा किया हैं. अपने पति के समर्थन और निरंतर दृढ़ संकल्प के साथ, मैरी कॉम हमारे देश का गौरव बनी हैं. फिल्म में मैरी दो बच्चों की माँ होने के बाद भी अपने करियर को आगे बढ़ाती है. यह फिल्म 5 सितंबर 2014 में रिलीज़ हुई थी.

नील बटे सनाटा

फिल्म “नील बटे सनाटा” शिक्षा पर आधारित फिल्म हैं जो हमें यह सिखाती हैं की, पढ़ने  लिखने की कोई उम्र नहीं होती, शिक्षा हर उम्र में प्राप्त की जा सकती हैं. फिल्म में स्वरा भास्कर का लीड रोल था. यह एक माँ और बेटी के बीच की इमोशनल स्टोरी हैं. एक एसी माँ जो अपनी बेटी को पढ़ाई की एहमियत सिखाने के लिए खुद स्कूल में दाखिला ले लेती हैं और खुद भी पढ़ती है और उसे भी पढ़ाती हैं. इस फिल्म ने काफी अनपढ़ महिलाओं को प्रेरित किया था जिसमे कईं गाँव की औरतों ने शिक्षा हासिल करने का फैसला लिया फिल्म 22 अप्रैल 2016 में रिलीज़ हुई थी.

गुलाब गैंग

फिल्म “गुलाब गैंग” एक घरेलू हिंसा और दहेज जैसी चीजो पर सवाल उठाने और उससे लड़ने की कहानी हैं. फिल्म में माधुरी दीक्षित ने लीड रोल निभाया था. इस फिल्म में माधुरी गाँव की महिलाओं जिनके साथ ऐसी घटना हुई थी उनके साथ गाँव में एक महिलों का समूह बनाती है जो पुरुषों के खिलाफ आवाज़ उठता है यह फिल्म भी सच्ची घटना पर आधारित फिल्म है और इस फिल्म में माधुरी के किरदार का नाम रज्जो था. यह फिल्म 7 मार्च 2014 में रिलीज़ हुई थी.

क्वीन

फिल्म “क्वीन” एक एसी लड़की की कहानी हैं जो बेहद समान्य परिवार की एक शर्मीली लड़की है जिसकी शादी किसी कारण टूट जाती है जिसकी वजह से उसके रिश्तेदार उसको इसका जिम्मेदार ठहराते है जिसके बाद वो यह ठान लेती है की अगर किसी लड़की की शादी टूटने का कारण सिर्फ लड़की नहीं होती वह खुद को बदलने के लिए अकेली पेरिस चली जाती है क्वीन जहाँ वो एक मजबूत और स्वतंत्र महिला में बदल जाती हैं. फिल्म में कगना ने लीड रोल निभाया था और उनके किरदार का नाम रानी था. फिल्म 7 मार्च 2014 में रिलीज़ हुई थी.यह है वो फिल्मे जिसमें औरतों के हर रूप को पर्दे पर बड़ी खूबसूरती से दिखाया गया हैं. इसीलिए आज हम हर नारी को सलाम करते है

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