पापा और मैं हर दीवाली रंगोली बनाते थे- प्रियंका चोपड़ा

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दीवाली त्योहार मैं अपने देश, अपने मुंबई के निवास में मनाना पसंद करती हूं, लेकिन कई बार विदेश में शूटिंग के टाइट शेडूल होने की वजह से मुझे अपना यह प्यारा त्यौहार, अपने न्यूयॉर्क अपार्टमेंट में ही मनाना पड़ता है, तब मैं वहाँ अपने अपार्टमेंट को जगमगाती रोशनी से सजाती हूं और अपने परिवार को भी बुला लेती हूं, साथ में मेरे सारे दोस्तों को दीपावली त्योहार के तीनों दिन, घर पर निमंत्रित भी कर लेती हैं, जिनमें मेरे कई विदेशी मित्र भी होते हैं। एक तरह से दिवाली हमारे लिए नए वर्ष की शुरुआत जैसी होती है। दिवाली की रात पुजारी जी घर आकर, मां लक्ष्मी तथा गणपति की पूजा करते हैं। हम सब नए ड्रेस पहनते हैं और कई तरह के पकवान भी घर पर ही बनाते हैं तथा सब को खिलाते हैं। उसके बाद मिठाइयों और गिफ्ट एक्सचेंज होती है। पिछली बार मैंने अपनी मॉम द्वारा खरीदी हुई सफेद चांदनी रंग की सिल्क साड़ी पहनी थी और सुनहरे रंग का ब्लाउज़ पहना था। मैंने न्यूयॉर्क वाले घर को गेंदे के फूलों की लड़ियों और चमचमाते लाईटिंग से सजाया था। दीपावली के तीनों दिन, मैं जैसे अपने बचपन में लौट जाती हूं। बचपन में खूब पटाखे फोड़ा करती थी आज हालाँकि चंद फुलझड़ियों से ही परंपरा की पूर्ति कर लेती हूं। दीपावली की रात पत्ते खेलने की परंपरा है। मैं भी उस रात को ब्लेक जेक और रोलेट टेबल लगाती हूं।लेकिन मैं खुद नहीं खेलती क्योंकि ना जाने कैसे मैं हर बार हार जाती हूं, इसीलिए दूसरों को खेलते हुए देखती हूं। हां मैं दरवाजे में रंगोली जरूर बनाती हूं जो मेरा खुद का आर्ट वर्क होता है। बचपन की दिवाली की यादों में पापा के संग रंगोली बनाने की यादें सबसे ज्यादा दिल में बसी हुई है। पापा बहुत आर्टिस्टिक थे, हम दोनों जमीन पर बैठकर रंगोली की आर्टिस्टिक डिजाइन बनाते थे। मेरे लिए दिवाली अपने प्यारों के साथ समय बिताना और अपने जीवन और खुद के प्रति फीलगुड करने का त्योहार है।
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