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साल की आखिरी रात की खुमार और सितारे स्वागतम् नव वर्ष 2019

नमस्कार साल 2019...! ‘मायापुरी’ के सभी पाठकों और समूची फिल्म इंडस्ट्री के कर्मियों को नव वर्ष की हार्दिक बधाई! भारतीय-परिवेश में हम स्वागत में ‘नमस्ते’ ही कहेंगे, लेकिन क्या फिल्म उद्योग भी इसी सम्बोधन से अपने नव वर्ष की शुरूआत करता है? यह…
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आया क्रिसमस का त्योहार!

बॉलीवुड वह जगह है जहां दीपावली और ईद की तरह की क्रिसमस का पर्व भी धूमधाम से मनाया जाता है। 25 दिसम्बर को ईसा मसीह का जन्म दिन होता है। इस दिन सभी ईसाई चर्च जाते हैं। चर्च, क्रिसमस-ट्री, क्रिसमस कार्ड, झालर, पेस्ट्री, केक और बच्चों के लिए…
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मेरी शादी में मत आना…!

कुछ समय पहले बॉलीवुड की एक फिल्म आयी थी- ‘मेरी शादी में जरूर आना’। यह फिल्म दो करोड़ में बनी थी और दो हफ्ते में आठ करोड़ की कलैक्शन की थी! लोगों का मानना था कि वैवाहिक-विषय वाली इस फिल्म की कामयाबी के पीछे फिल्म का शीर्षक भी एक वजह थी- जिसमें…
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फिल्म लेखक संघ दायित्व और निर्वहन

कितनी अजीब बात है कि एक तरफ जहां आमिर खान जैसे एक्टर इस बात को स्वीकार करते हैं कि फिल्म इंडस्ट्री में लेखकों के महत्व को समझा जाना चाहिए और उनको क्रेडिट तथा पारिश्रमिक दिेये जाने में वरीयता दिखाई जानी चाहिए। वहीं फिल्म राईटर्स एसोसिएशन की…
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किसानों के लिए बड़ी चाह है बच्चन साहब के मन में…

सितारों के चैरिटी कामों की जब भी चर्चा होती है, हमेशा का ‘मीर फाउंडेशन’ हो या सलमान खान का ‘बीइंग ह्यूमन’- ये छींक भी लेती हैं तो ‘न्यूज’ बनती है। और, साथ ही कमेंट किया गया होता है कि अमिताभ कुछ नहीं करते हैं! इस आरोप की तो इन्तेहा ही हो गई…
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आखिर ‘खिलजी’ की हुई ‘पद्मावती’! ‘‘पिया मिलन की रूत आयी…!’’

उस समय पूरा देश जलने के लिए तैयार था! बेशक फिल्म आई तो कुछ नहीं था लेकिन, पर्दे पर फिल्म ‘पद्मावत’ आने से पहले एक जनाक्रोश था। विदेशी शासक अलाउद्दीन खिलजी स्वप्न में भी रानी पद्मावती को पाने की कामना कैसे कर सकता था? तलवारें खिंच गई थी एक…
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भारत का सिनेमा कहता है – ‘‘राम का नाम बदनाम ना करो…!’’

आज पूरा देश राम चर्चा में लीन लग रहा है। दशहरा बीता, दीपावली बीती मगर राम चर्चा - राम मंदिर के रूप में जीवंत है। हर समाचार सुर्खियों में और हर चैनल पर परिचर्चा जारी हैं। कोई राम सेतु का आकाशीय - मैप पेश कर रहा है तो कोई मंदिर-मस्जिद के नीचे…
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यू-ट्यूब ने कब्र खोदी है छोटे सिनेमा की…

आप ट्रेन में सफर कर रहे हों या बस में, लोग स्मार्ट फोन पर आंखें गड़ाये दिखाई देंगे। खासकर युवा वर्ग : लड़के और लड़कियां अब यू-ट्यूब की ओर आकर्षित हो गये हैं। ये वो वर्ग है जो सिनेमा-थिएटर को पिछले कई सालों से चलाता आ रहा है। संभ्रात और मेच्यौर…
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सिनेमा और सरकार के बीच बातचीत की नई पहल : ‘प्रधानमंत्री ने दिया आश्वासन’

- शरद राय सिनेमा समाज का दर्पण है और आज के युग में सिनेमा में वह ताकत है कि सरकारों की तख्ता पलट दे! लेकिन, दुर्भाग्य से इस ताकत को समझने के लिये ना कभी सरकार ने कोशिश की और ना ही सिनेमा में किसी प्रतिनिधि मंडल ने गंभीरता से किसी सरकार के…
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इस दीपावली से… सिनेमा की दुनिया में ‘नया-एग्रीमेंट’ अध्याय

पहल दिलीप ताहिल ने की है मगर इसमें पसंद बहुतों की शामिल है! हर वह एक्टर जो पर्दे पर किसी महिला कलाकार के साथ शरीर-संपर्क जैसे दृश्य चित्रबद्ध कराने वाला है, डरा हुआ है। सब चाहते हैं एक ऐसा एग्रीमेन्ट बने जिसमें साफ लिखा हो कि शूट की…
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