INTERVIEW: ऐसा किरदार इससे पहले हॉलीवुड में भी नहीं आया -अनुष्का शर्मा

अनुष्का शर्मा ने पहले बॉलीवुड में अपने आपको एक बेहतर अभिनेत्री साबित किया, अब वो बतौर प्रोड्यूसर भी अपने आपको साबित करने में लगी है। होम प्रोडक्शन के तहत पहली ही फिल्म ‘ एनएच 10’  की सफलता से उत्साहित हो वो अब दूसरी फिल्म ‘ फिल्लौरी’के साथ दर्शकों के सामने हैं ।फिल्म को लेकर क्या कहना अनुष्का का, बता रही हैं इस बातचीत में।

पहली फिल्म से ये कितनी अलग है?

अलग तो है। एनएच… के बाद जब फिल्लौरी की बात हुई तो लोगों का कहना था कि हमने एनएच३बनाई है तो ये भी कुछ अलग सी फिल्म होगी यानि इससे एक बात प्रुव होती है कि हम हर बार अलग फिल्म बनायेगें क्योंकि हम मजबूती से ये बात मानते हैं कि आजकल की फिल्में कन्टेंट पर ही चलती हैं,किसी फार्मूले पर नहीं चल सकती ।anushka_sharma

फिल्म एक भूत पर आधारित है तो क्या भूत को लेकर कुछ रिसर्च वगैरह भी किया गया था?

रिसर्च तो नहीं कह सकते लेकिन उसकी स्क्रिप्ट पर काफी वक्त लगा, क्योंकि हमारी फिल्म में स्क्रिप्ट सबसे अहम् मानी जाती है, इसलिये सबसे ज्यादा मेहनत उसी पर की जाती है ।

इस फिल्म का आइडिया कहां से आया ?

फिल्म के राइटर अंशय की बहन की शादी में ये हादसा हुआ था कि पहले उसकी बहन के पति की शादी एक पेड़ से करवाई गई थी। वहां से उसे ये आइडिया आया था बाद में उसने जब इसे सुनाया तो उसे डेवलप करने के लिये कहा गया। जब उसने अन्यता के साथ कहानी लिखी जिसमें हमें प्रोटेंशल लगा क्योंकि लवस्टोरी क्या होती है लेकिन आप कैसे किसी लवस्टोरी को अलग दिखा सकते हैं तो ये एक भूत की लवस्टोरी है। जिसमें पहले फ्लैशबैक में उसकी और दिलजीत सिंह की लवस्टोरी है फिर वर्तमान में सूरज के लवस्ट्रगल चल रहे हैं। यहां भी फिल्लौरी इन्वॉल्व है। सबसे अलग ये है कि पहली बार किसी हिन्दी सिनेमा में ऐसा किरदार बना है जो अलग तरह का है जिसे आज की एडवांस टेक्नालॉजी से बनाया गया है। उसकी नीचे की बॉडी पूरी तरह से पारदर्शी है और ये अभी तक हॉलीवुड में भी नहीं हुआ, पहली बार यहां हो रहा है। दूसरे ये ऐसा भूत है जिससे डरने की जरूरत नहीं वो डराने की जरा भी कोशिश नहीं करता क्योंकि वो बहुत ही फ्रेंडली भूत है।anushka

फिल्म को किस जॉनर की कहा जायेगा ?

चूंकि इसमें सब कॉमिक वे में दिखाया गया है इसलिये इसे घोस्ट रोम कोम कहा जायेगा क्योंकि इसमें रोमांस है और कामेडी है।

आप किस प्रकार की फिल्में बनाना पंसद करती हैं?

जो सीधे मेरे दिल को अटैक करें। मैं ऐसी हूं कि जब तक मुझे किसी चीज के बारे में कन्वेंशल नहीं होता मैं उसमें नहीं घुसती, लेकिन जब हो जाता है तो मेरा कन्चेंशल कोई नहीं बदल सकता। दूसरे मैनें अपनी पहली फिल्म से ही नये लोगों को चांस देने का वादा किया है उससे फायदा हमें ये है कि हमारी फिल्म में एक फ्रेशनेस आ जाती है। दूसरे बहुत सारे लोग हैं जो टेलेंटिड हैं लेकिन उन्हें चांस नहीं मिल पाता। यहां मेरा फर्ज बनता है कि मैं उन्हें सामने लाऊं। अब जैसे मेरी टर्निंग प्वाईंट बैंड बाजा बारात रही। इसी तरह कुछ अलग करने या दिखाने के लिये आपको नये लोगों के साथ काम करना ही पडे़गा, तभी आप कुछ अलग और फ्रैश दे पायेगें।Dum-Dum-Song

आपकी फिल्मों की यूएसपी कास्टिंग भी होती है?

हमारी इस बारे में काफी प्लानिंग होती है। अब जैसे एक दिन मै दिलजीत सिंह की मोबाइल पर फिल्म जट्ट एन जूलियट देख रही थी। मैं जानती थी कि वे पंजाब के सुपरस्टार हैं फिल्म में वे मुझे बहुत ही ऑनेस्ट परफार्मर लगे, उनमें एक कॉमिक टाइम भी दिखता था और वे जट्ट तो थे ही लिहाजा वे हमारे किरदार के हिसाब से बिलकुल सही थे। लेकिन हमारे सामने एक समस्या थी कि वे पगड़ी के बिना शूट नहीं करते। फिर हमने सोचा चलो कुछ और सोचते हैं। लेकिन एक बार फिर उनका नाम सामने आया तो इस बार हमारे राइटर्स ने कहा कि क्या हुआ अगर वो पगड़ी पहनता है। बाद में हमने इमेजन किया कि ये किरदार पगड़ी पहनता है। जब ये दिलजीत ने सुना तो वो बहुत एक्साइटिड हो गया था। दूसरे किरदार सूरज की बात की जाये तो वो मेरे भाई को बहुत पसंद था, उसने उसकी एक दो विदेशी फिल्में देखी थी। वो बाहर रहता है और आज भी फिल्म पढ़ रहा है। पहले हमें लगा कि उसे हिन्दी कहां आती होगी लेकिन हमने उसे स्क्रिप्ट भेज दी, वैसे भी हम उसके साथ काम करना चाहते थे क्योंकि एजएन एक्टर उसमें एक ग्रेविटी है वो एक्टिंग करते हुये अच्छा लगता था और जब उससे फोन पर बात की तो वो वही दिल्ली वाली हिन्दी में बात कर रहा था। बस उसके बाद उसे इस फिल्म में साइन कर लिया। मरीन बिलकुल फ्रैश है उसकी ये पहली फिल्म है उसे इसलिये लिया गया क्योंकि वो किरदार ही लगती थी।

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