फालतू लोगों के साथ काम करना पसंद नही करता – राजकुमार

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raajkumar1मायापुरी अंक 54,1975

फेमस स्टूडियो में गुमनाम साया के सैट पर बड़े दिनों के बाद राज कुमार से मुलाकात हो गई। मैंने नई फिल्म की मुबारकबाद देते हुए कहा, क्या बात है आजकल लोग आपकी फिल्में देखने को तरसते रह गये है? आदमी की जिंदगी पर उसके भूतकाल का बड़ा असर होता है। मैं भी फिल्मों में आने से पहले पुलिस इंस्पैक्टर था जिसकी वजह से में सिद्धांतवादी और अनुशासित हो गया। और हमारी फिल्म लाइन बड़ी सिदांतहीन है। यहां के लोग बडे अजीब है। और मैं नाकारा और सिदांतहीन लोगों के साथ फिल्में करने से बेहतर काम न करना पसंद करता हूं। राजकुमार ने उत्तर देते हुए कहा। अपनी असूल पसंदी और अनुशासनप्रियता का एक किस्सा मैं आपको सुनाता हूं एक बार एक ऑफिसर शराब पीकर मेरे कमरे में घुस आए और मैंने उन्हें उठवाकर बाहर फिंकवा दिया। और वही रौब आज भी बरकरार है।
सुना है दूसरे अभिनेता आप के साथ काम करने से कतराते है। इसका क्या कारण है? मेरे मामले में लोग तुरंत यह फैसला कर लेते है कि मैं घमंडी हूं हालांकि ऐसी कोई बात नही है। जो लोग कहते है वह काम्पलैक्स का शिकार है और साथ काम करने से कतराते है इसलिए उनकी फिल्मों की तादाद बढ़ रही है और मेरी फिल्मों की तादाद घटती जा रही है।
आप किसके साथ काम करने में खुशी महसूस करते है?
मैंने राज कुमार से पूछा।
मेरा कोई पसंदीदा कलाकार नही है। दिलीप कुमार, अशोक कुमार और राजकपूर का मैं आदर जरूर करता हूं परंतु मेरे हिसाब से वो भी पूर्ण कलाकार नही है। शायद पूर्ण कलाकार कोई नही होता। और न मैं हूं।

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