एक आम सा लड़का जिसका अभिनेता बनने का कोई सपना था ही नहीं ! – अमोल पराशर के साथ ख़ास बातचीत 

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वो कहते हैं ना कि कई बार तक़दीर ऐसे हसीन मोड़ पर ले आती जहाँ से मंज़िल साफ़ दिखाई देने लगती है कुछ ऐसा ही हुआ अमोल पाराशर के साथ जिन्होंने एक्टिंग को अपना पेशा बनाने का कभी नहीं सोचा था! वो भी अपने माँ बाप के सपने को आई आई टी में मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढाई करके और बड़े दफ्तर में नौकरी करके पूरा कर रहे थे! पर उनकी तक़दीर ने सोचा की इस प्रतिभा को मंच मिलना ही चाहिए और वो ले आयी उनको मुंबई।
टी वी ऍफ़ ट्रिप्पलिंग के डी. जे. चितवन से सबके दिलों पर छा जाने वाले, ट्रैफिक सिग्नल, रॉकेट सिंह जैसी फिल्म्स से अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाने वाले, खुद को एक कम्पलीट पैकेज बताने वाले अमोल पाराशर ने मायापुरी को बताये कई राज़…..

एक मैकेनिकल इंजीनियर से आप एक स्टार बन गये या मैं यूँ कहूँ की अचानक से बिना लड़कियों वाली क्लास से आपके इर्द गिर्द लड़कियाँ रहने लगीं, तो आपका अभी तक का सफर कैसा रहा?

(हँसते हुये) मैंने कभी भी अपने सफर को इस तरह से नहीं सोचा, मैं एक अभिनेता इसीलिए नहीं बना की मैं ये चाहूँ लड़कियाँ मेरे इर्द गिर्द रहें!

आपने हिंदी, मराठी और मलयालम फिल्मों में काम किया है तो क्या अभी आप यह तलाश रहे हैं की आप किसमें बेहतर हैं और भविष्य में फिर उसी शैली के लिए तत्पर हो जायेंगे?

नहीं ऐसा बिलकुल भी नहीं है, कई बार अलग अलग तरह का काम भी एक जैसा लगने लगता है और मैं ऐसा बिलकुल नहीं करना चाहता। मैं शुक्रगुज़ार हूँ डिजिटल स्पेस का जो की हम सबको हर बार कुछ नया करने का अवसर दे रहा है!

आप आई आई टी के छात्र थे तो क्या आप अपने माता पिता का सपना जी रहे थे

देखिये, भारत में अपने आप ही ऐसा हो जाता है की अगर बच्चा गणित में अच्छा है तो उसे कहते हैं ‘बेटा इंजीनियरिंग कर लो’, अगर बच्चा विज्ञान में अच्छा है तो उसे कहते हैं ‘बेटा डॉक्टर बन जाओ’ वही मेरे साथ भी हुआ और तब तक मैंने ये सोचा भी नहीं था की मुझे अभिनय के क्षेत्र में जाना है। मैंने ये तब महसूस किया जब पहली बार अपने कॉलेज में एक नाटक में हिस्सा लिया।

लोग कहते हैं की एक हिट वेब सीरीज़ बनाने की सामग्री है, सेक्स, गालियां और नशा, आपका इस बात पर क्या कहना है

मैं इसे पूरी तरह से नहीं नकार सकता लेकिन मैं हमेशा लोगों को अपना उदाहरण देता हूँ की जितना भी काम अभी तक मैंने किया है जो कई हद तक सफल भी रहा है वो इन सब पर आश्रित नहीं था, हाँ ऐसा हो सकता है की कुछ सीन्स हों जो की इन सबसे मिलते जुलते हों पर वो कहानी की डिमांड होती थी उसे ज़बरदस्ती कहानी में नहीं डाला गया था।

आप एक प्रोजेक्ट लेने के पहले किन-किन बातों को दिमाग में रखते हैं

ये बहुत आसान सा सवाल है मुझे समझ नहीं आता की लोग इसे आई आई टी का सवाल क्यों बना देते हैं।

मैं स्क्रिप्ट पढता हूँ, अगर मुझे अच्छी लगती है तो मैं देखता हूँ निर्देशक कौन है और ज़यादा से ज़्यादा मेरे सह कलाकार कौन हैं, बस!

एक अच्छी स्क्रिप्ट और ठीक- ठाक निर्देशक या एक अच्छा निर्देशक और ख़राब स्क्रिप्ट, इन विकल्पों में से आप क्या चुनेंगे

(हँसते हुये) ये बहुत टेढ़ा सवाल है! एक अच्छा निर्देशक ख़राब स्क्रिप्ट को भी बेतरीन तरीके से पेश कर सकता है और एक ख़राब निर्देशक अच्छी स्क्रिप्ट को भी बुरा बना सकता है तो मैं दूसरे विकल्प के साथ जाऊँगा। हो सकता है की भविष्य में इसपर मेरी सोच कुछ और हो जाये।

आप अपने आने वाले किस प्रोजेक्ट का इंतज़ार कर रहे हैं?

मैं TVF ट्रिपलिंग 2 का तो बेसब्री से इंतज़ार कर रहा हूँ साथ ही बालाजी मोशन पिक्चर्स के साथ एक फिल्म कर रहा हूँ जिसमें कोंकणा सेन शर्मा मेरी सह कलाकार हैं।

आपने एक इंटरव्यू में कहा था की चितवन आपकी ही जवानी का रूप है, तो क्या अभी उसमें कुछ बदलाव हुये हैं?

जो चीज़ें दुनिया के लिये अतरंगी हैं वो चितवन के लिये सामान्य हैं और मुझे ऐसा लगता है की उसकी कुछ हरकतें अभी भी मेरे अंदर हैं. हाँ, चितवन से अलग अब मैं ज़िन्दगी में प्लानिंग करने लगा हूँ क्योंकि खुद से आशाएँ बढ़ गयी हैं!

क्विक बाइट्स

इन तीनों में से किसमें काम करना ज़्यादा मज़ेदार है?  

  • TV
  • डिजिटल स्पेस
  • फिल्म्स

डिजिटल स्पेस

मैं ऐसा मानती हूँ की बहुत से लड़कियाँ आपके साथ रेडी तो मिंगलहोंगी पर क्या असल ज़िन्दगी में आप इसके लिये तैयार हैं

भावनात्मक तौर पर हाँ, पर अभी इन सबके लिये मेरे पास समय नहीं है।

अभी तक आपका सबसे पसंदीदा सह कलाकार कौन रहा है

अहाना, कोंकणा, संदीप कुलकर्णी, और TVF ट्रिपलिंग की पूरी कास्ट

आपका सफलता मंत्रक्या है

अपने दिल की सुनें

अपने आपको 3 शब्दों में बयाँ करें 

बिना किसी प्रयास के मज़ेदार, गुड लुकिंग, और बुद्धिमान

शार्ट में कहूँ तो मैं अच्छा खासा पैकेज हूँ।

आपकी ज़िन्दगी का ऐसा लम्हा जो आप फिर से जीना चाहते हों 

जब कॉलेज में पहली बार अच्छे अभिनय के लिये मुझे स्टेज पर अवार्ड पर मिला था तब मैं बहुत ज़्यादा नींद में था और थका हुआ था मैं उस पल को वैसे नहीं जी पाया जैसे चाहता था तो अगर मुझे मौका मिले तो मैं उस पल को दोबारा जीना चाहूँगा।

कौन सी वेब सीरीज़ या सीरियल आपका पसंदीदा है ?

मैं सीरीज़ देखता ही नहीं हूँ!

दिल्ली या मुंबई ?

4  महीने दिल्ली और 8 महीने मुंबई

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